*सरपंच व उपसरपंच ने केशवाही मंडल अध्यक्ष पर लगाए ग्रेवल रोड निर्माण कार्य में मनमानी के आरोप*
_ग्रामप्रधानों ने मंडल अध्यक्ष नामक व्यक्ति पर बिना अनुमति के निर्माण कार्य कराने के लगाए आरोप, ग्रामपंचायत में किए जा रहे ग्रेवल सड़क निर्माण पर अधिकारी कर रहे गुमराह, बिना निराकरण के कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने के लिए सरपंच व उपसरपंच ने की आवाज बुलंद_
बुढ़ार/ शहडोल जिले के जनपद बुढ़ार अंतर्गत ग्राम पंचायत धनोरा में कुछ महीने पूर्व महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम मध्यप्रदेश के तहत ग्रेवल सड़क निर्माण कार्य स्वीकृति किया गया है, जो कि मुख्य मार्ग कोतमा रोड से लेकर धनोरा बस्ती के आंगनवाड़ी केंद्र तक बनना सुनिश्चित है। जिसकी स्वीकृति दिनांक 05/07/2021 को हुई है। जिसकी कुल लागत 14 लाख रुपए की है, जिसमें दो लाख 82 हजार मजदूरी भुगतान के लिए स्वीकृति है। वही 10 लाख 97 हजार सामग्री की लागत बताई गई है और इस निर्माण कार्य की एजेंसी ग्राम पंचायत धनोरा सरपंच को सौंपी गई है। रोड की लंबाई 950 मीटर निर्माण करने की है, लेकिन इस निर्माण कार्य में ठेकेदारी प्रथा चलाकर ठेकेदारों को यह निर्माण कार्य सौंप दिया गया, यही नहीं इस ग्रेवल रोड निर्माण कार्य में पंचायत की बिना अनुमति के मंडल अध्यक्ष केशवाही मनमाना तौर पर रोड का निर्माण कार्य करा रहे हैं। बिना मस्टर रोल, अप्रूवल के ग्रेवल रोड निर्माण कार्य जारी है। जहां एक ओर प्रदेश सरकार हर उस ग्रामीण अंचल के निवासी को रोजगार मुहैया कराने की बात कह रही थी, जिसे पंचायत के तहत रोजगार दिया जाए, लेकिन मामा के राज में कुछ और ही चल रहा है। कहावत कुछ इस प्रकार है की "अंधेर नगरी चौपट राजा", जहां इस कोरोना काल में हर वह गरीब परिवार जो कि रोजगार के लिए यहां-वहां भटकता नजर आता है, वही जब 14 लाख की लागत से रोड की स्वीकृति की गई। जिसने मजदूरों के तहत कार्य करवाने के लिए दिशा निर्देश दिए गए, लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा। यहां तो ठेकेदारी प्रथा से मशीनें लगाकर कार्य कराए जा रहे हैं। जनपद पंचायत बुढार अंतर्गत ज्यादातर पंचायतों में ठेकेदारी प्रथा से ही कार्य कराया जा रहा है, लेकिन अभी तक तो यह देखने को मिल रहा था कि पंचायत ने खुद ठेकेदार को उस कार्य को सौंपा है, लेकिन ग्राम पंचायत धनौरा ने इस ग्रेवल रोड निर्माण कार्य को न ही किसी ठेकेदार को सौंपा है और न ही किसी दूसरे व्यक्ति को, तो फिर यह निर्माण कार्य बिना पंचायत अनुमति के कैसे हो रहा है? आखिर केशवाही के भाजपा मंडल अध्यक्ष किसकी अनुमति इस निर्माण कार्य को करा रहे हैं? जबकि पंचायत स्वयं की एजेंसी होने के बाद भी सरपंच ने इस कार को रोकने के लिए कलेक्टर से लेकर कमिश्नर साहब तक को ज्ञापन सौंपा है कि इस कार्य को रोक दिया जाए, जब तक मस्टर रोल न निकले, लेकिन इसके बावजूद भी कार्य अनवरत चालू है। क्या इसी प्रकार से किया जाएगा ग्रामपंचायतों का विकास?
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